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कृषि इनपुट सब्सिडी योजना की पात्रता 

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के लिए कुछ पात्रता निर्धारित की गई है। रबी सीजन में बारिश तथा ओलावृष्टि के कारण जिन जिलों में फसल का नुकसान अधिक हुआ है उन जिलों को रबी इनपुट के लिए शामिल किया गया है। बिहार सरकार ने अभी तक कुल 11 जिलों को चिन्हित किया है।

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना में शामिल जिलों की सूची / किसान सब्सिडी योजना

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना में बिहार के ये जिले शामिल हैं:-
  1. औरंगाबाद
  2. भागलपुर
  3. बक्सर
  4. गया
  5. जहानाबाद
  6. कैमूर
  7. मुजफ्फरपुर
  8. पटना
  9. पूर्वी चंपारण
  10. समस्तीपुर
  11. वैशाली
इन सभी जिलों के किसान कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता / बिहार कृषि योजना

  • रबी इनपुट 2019-20 योजना बिहार के 11 जिलों औरंगाबाद, भागलपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर और वैशाली जिलों के किसानों के लिए हैं। 
  • किसी भी वर्ग का किसान तथा बटाईदार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • योजना के अंतर्गत किसान अधिकतम 2 हैक्टेयर भूमि तक के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना की खास बातें 

  • योजना का लाभ लेने के लिए किसान को सबसे पहले बिहार राज्य के कृषि विभाग के डी.बी.टी. पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
  • यह पंजीयन नि:शुल्क है तथा आधार नंबर से किया जा सकता है।
  • पंजीयन कराने के बाद 13 अंकों का एक पंजीयन नंबर दिया जाएगा।
  • इस नंबर से रबी इनपुट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • किसान का बैंक खाता आधार नंबर से लिंक होना जरूरी है।

कृषि इनपुट अनुदान योजना रबी के लिए आवेदन / kisan registration / कृषि इनपुट आवेदन

कृषि इनपुट अनुदान योजना 2019-20 के लिए आवेदनन  9 मार्च 2020 से शुरू हो गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 23 मार्च निर्धारित की गई है। पात्र किसान आवेदन स्वयं या सीएससी के माध्यम से कर सकते हैं। अगर किसान स्वयं आवेदन करता है तो उसे https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर लॉगिन करना होगा। इस वेबसाइट पर आने के बाद वह आवेदन कर सकता है। यहां यह ध्यान रखने योग्य बात है कि आवेदन करने के बाद यदि आवेदन में कोई त्रृटि रह जाती है तो उसका बदलाव 48 घंटे के अंदर करना चाहिए। अन्यथा आवेदन उसी रूप में 48 घंटे के बाद संबंधित कृषि समन्वयक को जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगा। इसके बाद संबंधित त्रृटि में कोई बदलाव संभव नहीं है।